Chandra Grahan 2025: रविवार की रात को आसमान में कुछ ऐसा होने वाला है जिसे आने वाले कई दिनों तक आप भुला नहीं पाएंगे. 7 सितंबर की रात को भारत के आसमान में प्रकृति के सबसे खूबसूरत नजारों में से एक नजारा दिखाई देगा जब पूर्ण चंद्रग्रहण होगा. दुनिया भर के लोगों को 7 और 8 सितंबर की रात को यह दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा. पूर्ण चंद्रग्रहण, जिसे चंद्र ग्रहण या ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है, आसमान में छाने वाला है. इस असाधारण घटना के दौरान, पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच बिल्कुल सीधी रेखा में होगी. इससे एक ऐसी छाया बनेगी जो चंद्र सतह को एक आश्चर्यजनक लाल-नारंगी रंग में बदल देगी.

बड़ा हादसा : पावागढ़ में रोपवे गिरने से 6 लोगों की मौत, कई घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

कब-कब होगा क्‍या 

दुनिया की करीब 85 फीसदी आबादी को मौसम सही रहने की स्थिति में चंद्रग्रहण के कम से कम आंशिक हिस्से को देखने का मौका मिलेगा. यह चंद्रग्रहण एशिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के ज्‍यादातर हिस्सों में पूरी तरह से दिखाई देगा. जबकि यूरोप, अफ्रीका, पूर्वी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कुछ हिस्सों में आंशिक दृश्य दिखाई देंगे. एक नजर डालिए कि कितने बजे से यह शुरू होगा, कब ब्‍लड मून की स्थिति होगी और कब यह खत्‍म होगा.

  • ग्रहण शुरू: 7 सितंबर को रात 8:58 बजे.
  • पूर्ण ग्रहण या (ब्लड मून चरण): रात 11 बजे (7 सितंबर) से रात 12:22 बजे (8 सितंबर).
  • ग्रहण खत्‍म: सुबह 2:25 बजे (8 सितंबर)

भारत में चंद्र ग्रहण कहां देखें?

7-8 सितंबर, 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत के करीब हर कोने से नजर आएगा, बस आसमान साफ रहना चाहिए. इसे देखने के लिए आपको किसी दूर या ऊंचाई वाली जगह पर जाने की जरूरत नहीं है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों से ब्लड मून का नजारा साफ नजर आएगा. इस घटना का मुख्य आकर्षण होगा ब्‍लडमून यानी  जब चंद्रमा गहरे लाल रंग में रंग जाएगा. यह भारतीय समयानुसार रात 11:00 बजे से रात 12:22 बजे के बीच दिखाई देगा. इसके अलावा, गहरे आसमान और साफ हवा वाली जगहों पर यह नजारा और भी आकर्षक हो सकता है. कल का नजारा फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए कभी न भूलने वाला अनुभव भी हो सकता है. अगर आप कल यानी 7 सितंबर का नजारा देखने से चूक जाएंगे तो फिर आपको 177 दिन का इंतजार करना होगा. कल के बाद यह घटना 2-3 मार्च, 2026 को ही होगी.

Flood News : कश्मीर से दिल्ली तक बारिश की मार, हिमाचल प्रदेश के लिए अलर्ट जारी, पंजाब में बाढ़ का कहर बरकरार

क्‍यों होता है चंद्रग्रहण 

नासा के अनुसार, चंद्र ग्रहण पूर्णिमा की रात में होता है और उस समय पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के ठीक बीच में होती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा की सतह पर पड़ती है. इससे वह हल्‍की पड़ जाती है और कभी-कभी कुछ घंटों के दौरान चांद की सतह एक आकर्षक लाल रंग में बदल जाती है. हर चंद्र ग्रहण पृथ्वी के आधे हिस्से से दिखाई देता है. चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच से होकर गुजरती है और चंद्र सतह पर अपनी छाया डालती है.

ग्रहण कई चरणों में होता है: सबसे पहले, चंद्रमा उपछाया (पेनम्ब्रा) में प्रवेश करता है, जो पृथ्वी की धुंधली बाहरी छाया होती है, और उसके बाद अम्ब्रा (अंधेरा केंद्रीय छाया) में प्रवेश करता है. जैसे-जैसे चंद्रमा अम्ब्रा में गहराई तक जाता है, वह काला पड़ने लगता है, जिससे आंशिक ग्रहण होता है. पूरी तरह से डूब जाने पर, चंद्रमा एक आकर्षक लाल रंग धारण कर लेता है, जो पूर्ण ग्रहण चरण का संकेत देता है.

CG शराब घोटाला: कोर्ट ने चैतन्य बघेल की रिमांड बढ़ाई, 15 सितंबर तक न्यायिक हिरासत

कब होता है ब्‍लड मून 

ब्‍लड मून यानी चांद का एकदम लाल रंग और यह तब होता है जब पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरने वाला सूर्य का प्रकाश छनकर बाहर निकल जाता है. नीली किरणें बिखर जाती है (इसीलिए दिन में हमारा आकाश नीला दिखाई देता है), जबकि लाल किरणें पृथ्वी के चारों ओर मुड़ जाती है और चंद्रमा को रोशन करती है. यह पूर्ण चंद्रग्रहण पूरे 82 मिनट तक होगा जिससे चंद्रमा के इस बदलाव को देखने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. हाल के दिनों में, इससे भी लंबी अवधि के चंद्र ग्रहण हुए हैं, जैसे 27 जुलाई, 2018 को हुआ चंद्र ग्रहण, जिसकी पूर्णता 103 मिनट तक रही थी.

Share.

Contact Us

Office Address – Plot no .225 Narmada Complex, Sada Colony, Jamnipali, Korba, Chhattisgarh

Mobile Number – 9755065000
Email : bharattimes24k@gmail.com

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

© 2025 bharattimes24.com. All Rights Reserved. Made By Nimble Technology

Exit mobile version