नयी दिल्ली: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष दोंग जुन से कहा है कि भारत और चीन को सीमाओं पर तनाव कम करने तथा सरहदों के निर्धारण की मौजूदा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने से संबंधित कदम उठाकर एक सुव्यवस्थित रूपरेखा के तहत “जटिल मुद्दों” को सुलझाना चाहिए.

राजनाथ सिंह और दोंग ने बृहस्पतिवार को चीन के बंदरगाह शहर चिंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन के मौके पर द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति व स्थिरता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

कोलकाता में फिर एक बार छात्रा के साथ हुई दरिंदगी, कॉलेज कैंपस में ही गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

नयी दिल्ली में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राजनाथ सिंह ने दोंग को निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए पहलगाम आतंकवादी हमले और पाकिस्तान में आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने मौजूदा तंत्रों के माध्यम से सैनिकों की वापसी, तनाव कम करने, सीमा प्रबंधन और अंततः सीमा निर्धारण से संबंधित मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर परामर्श जारी रखने पर सहमति व्यक्त की.

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य गतिरोध समाप्त करने के लिए पिछले साल अक्टूबर में सहमति बनी थी, जिसके बाद नयी दिल्ली और बीजिंग के संबंधों को फिर से स्थापित करने के प्रयासों के बीच भारतीय रक्षा मंत्री की यह चीन यात्रा हुई है.

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में दोंग के साथ बातचीत को ‘सार्थक’ बताया. उन्होंने कहा, ‘हमने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर सार्थक और दूरदर्शितापूर्ण वार्ता की. लगभग छह साल के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होने पर खुशी जाहिर की.’

बॉयफ्रेंड से दुखी होकर बना रही थी इमोशनल रील, पैर फिसला और 13वीं मंजिल से गिर गई; दर्दनाक मौत

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘दोनों पक्षों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस सकारात्मक गति को बनाए रखें और द्विपक्षीय संबंधों में नयी जटिलताओं से बचें.’

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सिंह और दोंग ने भारत-चीन सीमा पर शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर गहन चर्चा की. मंत्रालय ने कहा कि सिंह ने द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा सामान्य के लिए दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की.

बयान में कहा गया है, ‘उन्होंने स्थायी संपर्क और तनाव कम करने के एक स्थापित तंत्र के माध्यम से जटिल मुद्दों को हल करने की आवश्यकता का उल्लेख किया.’ बयान के अनुसार, ‘राजनाथ सिंह ने सीमा प्रबंधन और इस मुद्दे पर स्थापित तंत्र को पुनर्जीवित करके सीमा मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने पर भी जोर दिया.’

मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री ने ‘सर्वोत्तम पारस्परिक लाभ हासिल करने के लिए पड़ोसी देशों के बीच अच्छा माहौल बनाने की आवश्यकता और एशिया और विश्व में स्थिरता के लिए सहयोग करने पर भी जोर दिया.’ बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने 2020 के सीमा गतिरोध के बाद पैदा हुई विश्वास की कमी को जमीनी स्तर पर कदम उठाकर दूर करने का भी आह्वान किया.”

मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने के महत्वपूर्ण अवसर का भी जिक्र किया और पांच साल के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की सराहना की. अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने दोंग को एक मधुबनी पेंटिंग ‘ट्री ऑफ लाइफ’ भी भेंट की.

चीन की ओर से जारी बयान के अनुसार, राजनाथ सिंह ने दोंग के साथ बैठक में कहा कि भारत चीन के साथ संघर्ष या टकराव नहीं चाहता, तथा वह मतभेदों को उचित ढंग से निपटाने, संवाद बढ़ाने एवं द्विपक्षीय संबंधों के सतत विकास के लिए आपसी विश्वास को बढ़ावा देने का इच्छुक है.

रिंकू सिंह यूपी में बने बेसिक शिक्षा अधिकारी और सोशल मीडिया पर क्यों मच गया हंगामा

मानसरोवर यात्रा के बीच चीन की यात्रा

तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली के बीच राजनाथ सिंह की चिंगदाओ यात्रा हुई है. कैलाश मानसरोवर यात्रा को शुरू में 2020 में कोविड-19 महामारी और उसके बाद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण निलंबित कर दिया गया था.

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा हिंदुओं के साथ-साथ जैन और बौद्धों के लिए भी धार्मिक महत्व रखती है. पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ और उस वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के परिणामस्वरूप दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए.

पिछले वर्ष 21 अक्टूबर को हुए समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग के अंतिम दो टकराव बिंदुओं से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गतिरोध प्रभावी रूप से समाप्त हो गया.

Share.

Contact Us

Office Address – Plot no .225 Narmada Complex, Sada Colony, Jamnipali, Korba, Chhattisgarh

Mobile Number – 9755065000
Email : bharattimes24k@gmail.com

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

© 2025 bharattimes24.com. All Rights Reserved. Made By Nimble Technology

Exit mobile version